Today Friday, 06 November 2026

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निदा खान मामले में जलील पर FIR


नासिक /महाराष्ट्र :
नासिक के बहुचर्चित टीसीएस (TCS) धर्मांतरण और यौन शोषण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को पनाह देने के आरोप में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के खिलाफ नासिक पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है, एआईएमआईएम (AIMIM) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के खिलाफ नासिक पुलिस ने आधिकारिक तौर पर आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें सह-आरोपी बना लिया है। जलील पर इस हाई-प्रोफाइल मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को पुलिस से छिपाने और उसे संरक्षण (आश्रय) देने का गंभीर आरोप है।

क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद नासिक की TCS यूनिट में काम करने वाले कर्मचारियों की शिकायतों के बाद शुरू हुआ था। कर्मचारियों ने सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न, डराने-धमकाने और जबरन धार्मिक रूपांतरण (धर्मांतरण) करने की कोशिशों के आरोप लगाए थे। इस सिलसिले में पुलिस ने कुल 9 एफआईआर (FIR) दर्ज की थीं, जिसकी जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था। इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका अदालत से खारिज होने के बाद वह लंबे समय तक फरार चल रही थी। बाद में 7 मई को पुलिस ने उसे छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के नारेगांव इलाके से गिरफ्तार किया था। 

जांच में कैसे आया इम्तियाज जलील का नाम?
एसआईटी (SIT) की जांच के दौरान पुलिस को जलील के खिलाफ पर्याप्त और पुख्ता तकनीकी व अन्य सबूत मिले हैं। 
  • पूर्व पार्षद की पूछताछ: इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए AIMIM के पूर्व पार्षद मतीन पटेल से जब पुलिस ने निदा खान के ठिकाने को लेकर पूछताछ की थी, तो उसने बार-बार इम्तियाज जलील का नाम लिया था। मतीन ने बताया था कि निदा के ठिकाने की जानकारी जलील को है।
  • ऑडियो और वॉयस सैंपल: खबरों के मुताबिक, पुलिस को मतीन पटेल के मोबाइल फोन से कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग्स मिली थीं। इसकी पुष्टि के लिए इम्तियाज जलील के वॉयस सैंपल्स भी लिए गए थे। 
  • 35 दिनों तक शरण देने का आरोप: पुलिस सूत्रों के अनुसार, निदा खान को नासिक से भगाने, मुंब्रा ले जाने और फिर छत्रपति संभाजीनगर में करीब 35 दिनों तक छिपाकर रखने व शरण देने में जलील की कथित संलिप्तता के संकेत मिले हैं। 

कोर्ट को दी गई जानकारी, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
एसआईटी (SIT) प्रमुख संदीप मिटके ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। जांच एजेंसी ने अदालत को भी सूचित किया है कि जलील द्वारा आरोपी को संरक्षण दिए जाने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पूर्व सांसद इम्तियाज जलील को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जल्द ही तलब कर सकती है। हालांकि, इम्तियाज जलील पहले अपने ऊपर लगे इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। 

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