डिजिटल टीम :
अमेरिका ने गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ चल रहे सभी आपराधिक और नागरिक मामले बंद कर दिए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने आपराधिक मामले स्थायी रूप से वापस ले लिए हैं, वहीं सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) और ट्रेजरी विभाग (OFAC) के साथ हुए नागरिक समझौतों में अडानी समूह ने कुल ($293) मिलियन (लगभग ₹2,450 करोड़) का भुगतान करने के साथ ही को-ऑपरेशन और कंप्लायंस रिव्यू के बाद केस को बंद कर दिया गया। इतनी कड़ी जांच के बावजूद, अडाणी ग्रुप ने तेज़ी से विस्तार करना जारी रखा और अच्छी कमाई करने के साथ ही पिछले 18 महीनों में कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर में लगभग $20 बिलियन का निवेश किया।
बताया जा रहा है कि ऑफिस ऑफ़ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) के अनुसार, भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी के ग्रुप ने दुबई की एक फ्रंट कंपनी के ज़रिए ईरानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस आयात करके 32 अलग-अलग नियमों का उल्लंघन किया और अपने कार्गो को ओमानी और इराकी फ्यूल के रूप में छुपाया था लेकिन भारी भरकम फाइनेंशियल समझौता करके अडानी ग्रुप ने अमेरिका में बड़े कानूनी झंझट से खुद को बचा लिया और बाइडेन सरकार के दौरान लगाए गए आपराधिक आरोपों को अचानक खारिज करना तब हुआ जब अडानी ने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के पर्सनल अटॉर्नी रॉबर्ट गिफ्रा को हायर करके अपने लीगल डिफेंस में बड़े बदलाव किए थे। कोर्ट में दायर एक फाइलिंग में, डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस ने कहा कि उसने, “अपने अभियोजन विवेकाधिकार से”, इस मामले में क्रिमिनल आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए और संसाधन न लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही न्यूयॉर्क में चल रहे हाई-प्रोफाइल सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड केस में पूर्ण विराम लग गया है।
बताया जा रहा है कि 2024 दिसंबर में SEC और DOJ ने अडानी परिवार के खिलाफ मामला दर्ज किया और यह भी आरोप लगाया गया था कि भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर 265 मिलियन डॉलर की रिश्वतखोरी की साजिश रची गई, ताकि सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के ठेके हासिल किया जा सके और आरोप में यह भी कहा गया था कि अमेरिकी निवेशकों और कर्जदाताओं को एक साजिश के तहत यह सब छुपाया गया था। लेकिन जांच के दौरान अभियोजकों को आरोप साबित करने के लिए कोई स्पष्ट अमेरिकी कनेक्शन या पर्याप्त सबूत नहीं मिले जिसके बाद केस अडानी ग्रुप के पक्ष में मुड़ गया और आखिरकार इस हाई प्रोफाइल केस का अंत हो गया है।
जब अडानी ग्रुप पर अमेरिका में ऐसा आरोप लगाए गए थे तब भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टियां जिसमे कांग्रेस, लेफ्ट एवं लिबरल लोगों ने मोदी सरकार और अडानी ग्रुप का जमकर तीखी आलोचना की थी जिससे उस समय सेंसेक्स में अडानी के ग्रुप के सभी शेयर औधें मुंह गिर गए थे जिसमे करोड़ों निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
अमेरिका ने गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ सभी आपराधिक मामले वापस लिए और यह खबर आते ही अडानी ग्रुप के कई शेयरों में अच्छी तेजी आई है :
- Adani Green Energy: +3%
- Adani Enterprises: +2.26%
- Adani Total Gas: +2%
- Adani Ports भी हरे निशान में था।