डिजिटल टीम :
पुराना आधार कार्ड का डिज़ाइन से डेटा चोरी और दुरुपयोग होने की शिकायतें बार बार आ रही थी , विशेषकर जब लोग सिम कार्ड या होटल में आधार की फोटोकॉपी जमा करते थे इसलिए भारत सरकार ने इस जोखिम को कम करने के लिए एक "क्रांतिकारी बदलाव" करते हुए आधार कार्ड को नया डिज़ाइन किया है , जो प्राइवेसी को प्राथमिकता देता है और यह प्लास्टिक (PVC) आधार कार्ड घर बैठे UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से केवल ₹50 (GST और स्पीड पोस्ट सहित) में ऑर्डर किया जा सकता है। इसके लिए आधार नंबर या वर्चुअल आईडी (VID) का उपयोग करें और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP के जरिए वेरिफिकेशन करके नए डिज़ाइन का आधार कार्ड प्राप्त कर सकते हैं तथा यह कार्ड एटीएम के आकार का होगा। नया आधार कार्ड प्राइवेसी और सिक्योरिटी को मुख्य मकसद मानकर डिज़ाइन किया जा रहा है।
पुराने और नए आधार में मुख्य अंतर :
- नया आधार कार्ड (PVC ) प्लास्टिक का होगा।
- नया आधार कार्ड में केवल फ़ोटो और QR कोड दिखाई देगा।
पुराने आधार पर जो जानकारियां थीं, वे अब नहीं दिखेंगी:
- नाम
- आधार नंबर
- पता
- जन्मतिथि
- जेंडर
यानि नए आधार कार्ड पर कोई भी पर्सनल जानकारी प्रिंट नहीं होगी।
नए आधार में QR कोड में ये चीज़ें होंगी…
- नाम
- आधार नंबर
- DOB
- पता
- जेंडर
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन डेटा (एन्क्रिप्टेड फॉर्म में)
- यह सभी एन्क्रिप्टेड होंगे।
केवल यहां पर QR कोड को डिकोड किया जा सकता हैं:
- सरकार से ऑथराइज़्ड स्कैनर।
- UIDAI के ऑफिशियल ऐप।
- वेरिफिकेशन डिवाइस।
- होटल, इवेंट मैनेजर, ऑफिस या कोई और फोटोकॉपी लेकर डेटा नहीं देख पाएगा।
नए आधार रीडिज़ाइन का मकसद :
1. प्राइवेसी प्रोटेक्शन: अभी, होटल, इवेंट ऑर्गनाइज़र और प्राइवेट ऑफिस आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेते हैं और नाम, पता, DOB और आधार नंबर स्टोर करते हैं लेकिन इसमें डेटा लीक होने का खतरा हमेशा बना रहता है। नए आधार के साथ यह नामुमकिन होगा।
2. आधार की फोटोकॉपी से हज़ारों फ्रॉड होने की खबरे कई सामने आती रहती हैं इसलिए आधार डेटा का गलत इस्तेमाल रोकने में मदद हो सकती है क्योंकि नए कार्ड में प्रिंटेड जानकारी नहीं होगी:
- डेटा का गलत इस्तेमाल
- क्लोनिंग
- फ्रॉड वाली एक्टिविटीज़
- उपर्युक्त शिकायतों में काफी कम हो जाएगी।
3. डिजिटल इंडिया स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए अपग्रेड करना UIDAI का लक्ष्य है जो पूरे आइडेंटिटी सिस्टम को सिक्योर, क्लीन और टैम्पर-प्रूफ बनाएगा, इसलिए नया QR कोड-बेस्ड सिस्टम वर्ल्ड-क्लास सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
भविष्य में डेटा सुरक्षित :
अपना आधार कार्ड किसी को भी देना सेफ होगा, क्योंकि इसमें कोई प्रिंटेड डिटेल्स नहीं हैं और चाहे भले ही होटल / गेटेड कम्युनिटीज़ / इवेंट एंट्रीज़ / बैंक आपके कार्ड की फोटोकॉपी ले लें फिर भी आपका कोई भी पर्सनल डेटा दिखाई नहीं देगा और यह डेटा वेरिफ़िकेशन सिर्फ़ डिजिटल वेरिफ़िकेशन QR कोड स्कैन से कन्फ़र्म हो जाएगा।
वहीं दूसरी तरफ भारत सरकार के इस दावे को कुछ लोग सिरे से नकार रहे हैं और उनका कहना है कि अगर होटल / गेटेड कम्युनिटीज़ / इवेंट एंट्रीज़ / बैंक पास फ़ोटोकॉपी है तो वे इसे कहीं भी स्कैन करके जानकारी ले सकते हैं, क्योंकि डेटा QR कोड से वेरिफ़ाई होता है, इसलिए आधार की फ़ोटोकॉपी भी ऐसा करने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है, जो हमें वापस वहीं शक की सुई पर ले आता है कि आधार की फ़ोटोकॉपी का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे अगर इसे वेरिफिकेशन के लिए स्कैन किया जा सकता है, तो इसका हर जगह फिर से गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। (QR कोड का स्क्रीनशॉट या फोटोकॉपी लेकर, एयरटेल गैलरी में स्कैन करें और सिम ले लें)। सबसे बड़ी बात कुछ ब्यूरोक्रेट परिवार स्कैनर बेचकर बहुत अमीर भी हो सकते है क्योंकि हर जगह वे बैंक, MF, डीमैट, इंश्योरेंस, स्कूल, होटल, लाइब्रेरी, नगर पालिका, बिजली, पानी की सप्लाई, फ़ोन, किराया, नौकरी के लिए आधार लगता हैं और इतना विशाल डेटा किसी भी विदेशी या दूसरी एजेंसी को बेचा जा सकता है , इसलिए सरकार, UDAI का यह एक गलत कदम है।