नई दिल्ली/गाजियाबाद:
सुप्रीम कोर्ट की वकील और सामाजिक कार्यकर्ता नाजिया इलाही खान जल्द ही सनातन धर्म अपनाने जा रही हैं, उन्होंने आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान करते हुए कहा है कि वह अपने "पूर्वजों की सच्चाई" को स्वीकार करने जा रही हैं और नाजिया के इस बड़े फैसले के बाद से वे देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। तीन तलाक मामले में मुख्य याचिकाकर्ता की वकील रहीं और सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नाजिया इलाही खान ने मुस्लिम धर्म छोड़ सनातन धर्म (हिंदू धर्म) में वापसी करने की घोषणा करते हुए कहा कि जो मेरी जो असलियत है, जो मेरे पूर्वजों की असलियत है, जो पूर्वजों की सच्चाई है, उसी सनातन धर्म को मैं स्वीकार करने जा रही हूं, हां, यह बात जरूर है कि मुझे पश्चिम बंगाल में भी जो अधिकारी परिवार से हैं, जो बनर्जी परिवार से उन्होंने भी कहा है कि हम लोग आपको अपना गोत्र देगें और नाजिया इलाही खान ने अपने इस फैसले में उत्तर प्रदेश के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने विधायक को पिता समान बताते हुए कहा कि नंदकिशोर गुर्जर उन्हें सनातन धर्म में शामिल करने के लिए अपना 'गोत्र' देने को तैयार हैं और इस पूरे सफर में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।
अपनी पारिवारिक वंशावली पर बात करते हुए नाजिया ने कहा कि रिसर्च और फैमिली ट्री के अनुसार,उनकी छह से सात पीढ़ियों से पहले के पूर्वज हिंदू ही थे, जिन्हें मुगल काल या अन्य आक्रांताओं के समय परिवर्तित किया गया था और वह अब उसी प्राचीन सच्चाई को स्वीकार कर रही हैं।
उज्जैन में किया था पूर्वजों का श्राद्ध तर्पण:
धर्म वापसी के इस ऐलान से कुछ दिन पहले ही नाजिया इलाही खान ने मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित रामघाट पर शिप्रा नदी के तट पर अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए हिंदू रीति-रिवाज से श्राद्ध और पिंडदान किया था। मुस्लिम समुदाय से होने के बावजूद उनके द्वारा श्राद्ध किए जाने पर काफी विवाद भी हुआ था।
बयान के बाद मिली जान से मारने की धमकियां:
मैं उस मजहब से आती हूं जहां औरंगजेब ने अपने बाप को तरसाया था जैसे बयान के आलावा सनातन धर्म अपनाने की हुंकार भरने, संविधान तथा समान नागरिक संहिता (UCC) का खुलकर समर्थन करने और पूर्वजों का श्राद्ध करने के बाद नाजिया इलाही खान को पाकिस्तान और भारत के कई कट्टरपंथी संगठनों से लगातार जान से मारने व सिर कलम करने की धमकियां मिल रही हैं। नाजिया ने बताया कि इन धमकियों की जानकारी उत्तर प्रदेश ATS, दिल्ली स्पेशल सेल और पश्चिम बंगाल STF जैसी देश की तमाम बड़ी सुरक्षा एजेंसियों को दे दी गई है और उन्होंने दृढ़ता से आगे कहा कि वह इन धमकियों से डरने वाली नहीं हैं और अपने फैसले पर अडिग हैं।