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महाराष्ट्र के 75% हिस्से में सूखा घोषित
महाराष्ट्र:
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने २० दिन दौरे के बाद महाराष्ट्र के 358 तालुका में से 265 को आधिकारिक तौर पर सूखा घोषित कर दिया है और महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि जिन इलाकों में लगातार 21 दिनों तक बारिश नहीं हुई (ट्रिगर-1 मानक), उन्हें सूखा प्रभावित माना गया है जिसमें किसानों और नागरिकों के लिए राहत उपाय योजना!
● भू-राजस्व छूट: प्रभावित क्षेत्रों में भूमि राजस्व (लगान) माफ कर दिया गया है।
● कृषि ऋण राहत: फसल ऋण का पुनर्गठन किया जाएगा और ऋण वसूली पर रोक रहेगी।
● बिजली बिल छूट: कृषि पंपों के बिजली बिलों में राहत दी जाएगी।
● अन्य सहायता: छात्रों की परीक्षा फीस में छूट, मनरेगा के तहत अतिरिक्त रोजगार और पीने के पानी के लिए टैंकरों की व्यवस्था की जा रही है।
सूखे की स्थिति मुख्य रूप से विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तरी महाराष्ट्र और पुणे के कई विभाग में केंद्रित है।
सूखे से सबसे ज़्यादा प्रभावित तालुका इन ज़िलों में हैं:
• यवतमाल: 16 तालुका प्रभावित।
• जलगाँव: 15 तालुका प्रभावित।
• अहिल्यानगर (अहमदनगर): 14 तालुका प्रभावित।
• अमरावती: 14 तालुका प्रभावित।
• नागपुर: 14 तालुका प्रभावित।
• नांदेड़: 14 तालुका प्रभावित।
• बुलढाणा: 13 तालुका प्रभावित।
• चंद्रपुर: 12 तालुका प्रभावित।
• बीड: 11 तालुका प्रभावित।
• सोलापुर: 11 तालुका प्रभावित।
• लातूर: 10 तालुका प्रभावित।
• नासिक: 10 तालुका प्रभावित।
• छत्रपति संभाजीनगर: 9 तालुका प्रभावित।
प्रभावित तालुकाओं का क्षेत्र-वार विवरण:
• विदर्भ क्षेत्र: 95 उप-जिले प्रभावित।
• मराठवाड़ा क्षेत्र: 74 उप-जिले प्रभावित।
• उत्तरी महाराष्ट्र: 49 उप-जिले प्रभावित।
• पुणे डिवीज़न: 35 उप-जिले प्रभावित।
• कोंकण क्षेत्र: 12 उप-जिले प्रभावित।
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