दिल्ली :
वर्ष 1961 में भूटान की पहली पंचवर्षीय योजना की शुरुआत से ही, भारत की विकास साझेदारी ने भूटान के लोगों को सशक्त बनाया है और विभिन्न क्षेत्रों तथा अंचलों में विकास सुनिश्चित किया है और यह विकास साझेदारी, भारत के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के दृष्टिकोण और भूटान के 'सकल राष्ट्रीय खुशहाली' (Gross National Happiness) के दर्शन का एक सुंदर संगम है इसलिए भूटान की जनता और सरकार की प्राथमिकताओं, तथा महामहिम की दूरदृष्टि के अनुरूप अपनी विकास साझेदारी का विस्तार करना जारी रखते हुए भारत सरकार के संचार मंत्रालय के सचिव (डाक) और भूटान राजकीय सरकार के अवसंरचना और परिवहन मंत्रालय के सचिव ने डाक सहयोग (Postal Cooperation) पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य डाक नेटवर्क में सुधार, रसद (logistics) और डिजिटल तकनीकी साझाकरण को बढ़ावा देना है। इस समझौते के तहत, UPI-आधारित सीमा-पार प्रेषण (cross-border remittance) और डाक क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समझौता ज्ञापन के मुख्य बिंदु:
उद्देश्य: भारत और भूटान के डाक विभागों के बीच तकनीकी सहयोग, डिजिटल एड्रेसिंग कोड (DIGIPIN), और आधुनिक डाक सेवाओं को बढ़ावा देना।
मुख्य आकर्षण: यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) PosTransfer सिस्टम को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के साथ एकीकृत करके कुशल प्रेषण (remittance) सेवा शुरू करना।
क्षमता निर्माण: भारतीय डाक अकादमी (Rafi Ahmed Kidwai National Postal Academy) में भूटानी डाक अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करना।
हस्ताक्षरकर्ता: इस समझौते पर भारत के डाक विभाग की सचिव और भूटान के बुनियादी ढांचा और परिवहन मंत्रालय के सचिव द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
फायदा: यह समझौता दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा और डाक सेवाओं को अधिक कुशल और भविष्य के लिए तैयार बनाएगा।