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157 मे वोट के लिए मजबूत फाइट लेकिन परिणाम टाइट
मुंबई:
चांदिवली विधानसभा के प्रभाग क्रमांक 157 में लड़त और बढ़त के तर्ज पर चुनावी घमाशान जारी है और देखा जाए तो इस प्रभाग के प्रमुख स्थान रहेजा विहार, म्हाडा कॉलोनी, बिग पार्क, चांदीवली स्टूडियो, चांदीवली झील, नाहर अमृत शक्ति एवं खैरानी रोड के कुछ भाग शामिल हैं लेकिन इस प्रभाग के किसी भी पार्टी से नगरसेवक पद जीतने की पटकथा हमेश संघर्ष नगर ही लिखता है जिसमे सभी लोग मलाड अप्पा पाड़ा से फॉरेस्ट विभाग द्वारा विस्थापित किए गए हैं और जब से इस क्षेत्र का जन्म हुआ है तब से यानि इसके 2 -3 साल के बाद से ही यहां के नगरसेवक के रूप में वर्तमान भाजपा में शामिल ईश्वर तायड़े का ही कब्ज़ा रहा है और इन्हे यहां के लोग बहुत मानते भी है क्यूंकि शुरुवात से ही इस क्षेत्र के रहिवासियों की कोई भी समस्या जैसे पानी की गंभीर संकट के समय खुद के दम पर बोरिंग की सुविधा उपलब्ध कराना या पारवारिक दुःख के समय अपने पतपेड़ी से लोन देना या खुद से वित्तीय सहायता पहुँचाना जिससे वे काफी लोकप्रिय हुए और तब से ही वे या उनके परिवार से ही कोई न कोई नगरसेवक के पद पर रहा है और चुनाव में कई नेता एक टिकट नहीं ला पाते लेकिन ईश्वर तायड़े ने चांदिवली विधानसभा में दो टिकट लाकर इस विधानसभा में अपनी मजबूती एहसास करा दिया है लेकिन संघर्ष नगर में अब स्थिति काफी बदल गई है क्यूंकि उनके सामने एक मजबूत स्थानिक प्रतिद्वन्द्वी डॉ. रविंद्र म्हस्के उभर कर सामने आए हैं, डॉ. म्हस्के पेशे से डॉक्टर होने के कारण संघर्ष नगर में हर घर का हर सदस्य उन्हें जानता और पहचानता है एवं कोरोना काल में उनका सेवा कार्य बेहद सराहनीय रहा है और सरल स्वभाव के कारण उनसे हर कोई प्रेम से ही मिलता है इसलिए पिछले कई वर्षो के सेवाकार्य एवं राजनीति में रहने के कारण स्थानिक शिवसेना विधायक दिलीप मामा लांडे ने पिछले साल नवंबर में ही संकेत दिया था कि या तो डॉ. रविंद्र म्हस्के या उनकी पत्नी डॉ. सरिता म्हस्के को टिकट दिया जाएगा लेकिन जब वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हो गया, तो डॉ. सरिता म्हस्के जो पिछले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर सिर्फ़ 573 वोटों से हारी थीं और उन्होंने अपना नॉमिनेशन फाइल करने की तैयारी किया था हालांकि, आखिरी समय में इस जोड़े को बताया गया कि सीट बीजेपी को दे दी गई है फिर कोई और रास्ता न देखकर, वे शिवसेना (UBT) में शामिल हो गई और बीजेपी-शिंदे शिवसेना युति से प्रत्याशी पूर्व नगरसेवक ईश्वर तायड़े की पत्नी आशाताई तायड़े के खिलाफ चुनाव मैदान में एक बार फिर लड़ रही हैं।
इस प्रभाग के संघर्ष नगर में ईश्वर तायड़े के खिलाफ एक प्रकार का एंटी इंकम्बेंसी देखा जा रहा है और इन पर बस स्टॉप घोटाले का आरोप लगने के बाद से ही इनकी लोकप्रियता काफी कमी आई है लेकिन हाईराइज बिल्डिंगो के रहिवासी यदि वोटिंग के लिए प्रॉपर उतरते हैं तो आशाताई तायड़े को फायदा मिल सकता है क्योंकि चांदिवली रेसिडेंशियल फोरम की माने तो रोड साफ़ सफाई या अवैध राजनीतिक होर्डिंग्स हटाने जैसी छोटी मोटी मांगे हीउनकी रहती है। संघर्ष नगर में इन दो नेताओं के समर्थन के लिए उत्तरभारतीय समाज भी दो धड़ों में बंट गया है लेकिन हिंदुत्व के मुद्दे पर डॉ. सरिता म्हस्के को ज्यादा समर्थन मिलता हुआ दिखाई दे रहा है एवं बताया जा रहा है कि बिल्डिंग नंबर 17 से 25 तक में भारी समर्थन मिल सकता है और मराठी-उत्तरभारतीय वोट के अलावा म्हस्के को उबाठा के कारण मुस्लिम मतदाता एकमुश्त समर्थन देते हुए लग रहे है क्यूंकि वंचित बहुजन अघाड़ी-कांग्रेस युति से प्रत्याशी सोनाली शंकर बंसोड़े दोनों प्रत्याशियों के वोट काट सकती है फिर भी जनता का झुकाव डॉ. सरिता म्हस्के की तरफ ज्यादा देखा जा रहा है।
चांदिवली विधानसभा के राजनितिक परिपेक्ष्य में देखें तो सबका मनना है कि यदि इस बार आशाताई तायड़े चुनाव जीतती है तो आनेवाले समय में ईश्वर तायड़े आमदार के टिकट के लिए दावेदार हो सकते है इसलिए इस प्रभाग में कुछ बड़ी राजनीतिक हस्तियां भी दोनों प्रत्याशी को जिताने और हराने में पीछे से अपनी-अपनी अदृश्य शक्तियां भी लगा रहे है लेकिन चाहे कुछ भी हो इस प्रभाग का चुनाव परिणाम एकदम टाइट होगा जिसमें बहुत ही मामूली अंतर के साथ-साथ बहुत दिलचस्प हो सकता है।
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