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160 में धीमी पड़ सकती है जीत की किरण
मुंबई:
मुंबई महानगरपालिका के चुनाव प्रचार का शोर आज शाम 5:30 बजे से थम जाएगा लेकिन चुनाव का असली प्रचार अब अंदर-अंदर होगा और इस क्रम में चांदिवली विधानसभा के प्रभाग क्रमांक 160 की बात करे तो इस क्षेत्र के प्रमुख स्थान में मिलिंद नगर, भीम नगर, नारायण नगर, गुरुनानक नगर, नेताजी पालकर मार्ग और होम गार्ड ट्रेनिंग सेंटर शामिल हैं और इस क्षेत्र की जनसंख्या लगभग साठ हजार के करीब है और इस बार के मनपा चुनाव में पिछली बार मात्र 186 मतों से जीतने वाले बीजेपी-शिवसेना से उम्मीदवार पूर्व नगरसेवक किरण लांडगे के सामने ढेर सारी चुनौतियां दिखाई दे रही है क्यूंकि उन्हें भीम नगर एवं वाल्मीकि नगर से जिस जीत की रोशनी मिली थी वहां पर अपक्ष उम्मीदवार राहुल चव्हाण सेंध लगते हुए दिखाई दे रहे है तथा राहुल चव्हाण भले ही अपक्ष से लड़ रहे हैं लेकिन उनके 10 सालों के सेवा कार्य से खुश होकर कोकण पाड़ा, मराठ वाडा एवं माळी चॉल जैसे क्षेत्रो की जनता का झुकाव इनकी तरफ लग रहा है तथा इसके आलावा भीम नगर और वाल्मीकि नगर में तो बहुत भारी संख्या में वोट मिलने की उम्मीद बताई जा रही क्यूंकि यहाँ के रहिवासियों का कहना है कि हमारे यहां पानी की सबसे बड़ी समस्या थी और हम लोग पूर्व नगरसेवक के यहाँ कई बार गए थे लेकिन राहुल चव्हाण मनपा में आंदोलन वगैरा करके हमारे यहाँ पानी का प्रेशर बड़वाया इसलिए हम लोग राहुल को साथ देने का मन बना रहे है, बताया जा रहा है कि बीजेपी-शिवसेना से उम्मीदवार किरण लांडगे के पास असल्फा क्षेत्र के बहुत सारे युवा साथ है लेकिन यहाँ पर भी इस प्रभाग के सबसे बड़े धुरंधर प्रत्याशी उबाठा-मनसे युति से राजेंद्र पाखरे चुनाव मैदान में है और इनके बारे में कहा जाता है कि यह स्वयं में ही बहुत पावरफुल है और इनके सामने नगरसेवक जैसा पद छोटा है फिर भी वे चुनाव मैदान में उतरे हैं तो यह सबसे बड़ी छति किरण लांडगे को ही पहुचायेंगे और वैसे इनका मुख्य मकसद ही किरण लांडगे को हराना है और राजेंद्र पाखरे को इस क्षेत्र में मुस्लिम मतदाता एकमुश्त सपोर्ट कर रहे है और साथ ही साथ अशोक नगर,गैबन शाह दरगाह, नारायण नगर और असल्फा भाजी मार्केट जैसे विभागों में मजबूत पकड़ है क्यूंकि पिछले बीस सालों से रेजेन्द्र पाखरे कभी भी चुनाव में न आने का सोचते हुए भी यहां के रहिवासियों के दुःख सुख में हमेशा खड़े रहे और अपने लोगों का साथ देने के लिए वे किसी भी स्तर तक लड़ जाते हैं इसलिए इनके साथ जितने भी लोग है उनका फूटना मुश्किल है और बताया जा रहा है कि बीजेपी-शिवसेना उम्मीदवार किरण लांडगे की असली भिड़ंत राजेंद्र पाखरे से ही है। अब आने वाले 16 जनवरी को ही पता चलेगा कि कौन किसको पटखनी देता है या जीत की किरण धीमी पड़ती है या नहीं ।
इस विभाग में राम मंदिर के आस-पास जैसे कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जिनको किसी से कुछ लेना देना नहीं है बल्कि वे केवल मोदी या बीजेपी को देखकर बीजेपी-शिवसेना उम्मीदवार को आसानी से वोट दे देंगे जिससे किरण लांडगे को फायदा हो सकता है एवं दूसरी तरफ वंचित बहुजन अघाड़ी से गौतम हराड भी चुनाव मैदान में अपना दम ख़म दिखा रहे है और यह भी राजनीती में काफी वर्षो से हैं इनके लिए सबसे आसान बात यह है कि इस क्षेत्र में वंचित के वोटर बहुत भारी संख्या में रहते है और यदि इन सबका इनको एकतरफा वोट मिलता है तो सबका खेल बिगाड भी सकते है।
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