उत्तराखंड :
पूरी दुनिया में हो रहे उथल पुथल में भारत वेस्ट एशिया और मिडल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के समय पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल (उत्तराखंड) के हीरक जयंती समारोह में बोलते हुए भारत से अगले कुछ वर्षों के भीतर ड्रोन निर्माण के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने का आह्वान किया है, जिसमें ड्रोन के छोटे से छोटे घटकों से लेकर सॉफ्टवेयर तक पूर्ण स्वदेशी क्षमता की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है और आगे कहा कि हमें जल्द से जल्द ड्रोन तकनीकी में आत्मनिर्भरता जरूरी है जिससे भारत का लक्ष्य ड्रोन विनिर्माण में वैश्विक नेतृत्व करना है।
उन्होंने आगे बताया कि ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम भविष्य के युद्ध को परिभाषित करेंगे, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण हो जाएगी।
रक्षा मंत्री द्वारा बताए गए मुख्य बिंदु :
- ₹ 3,853 करोड़ के 58 प्रोटोटाइप को मंजूरी दे दी गई है।
- 676 स्टार्टअप/एमएसएमई को आईडीईएक्स के माध्यम से ऑनबोर्ड किया गया है।
- 200 से अधिक रक्षा नवाचार चुनौतियों का शुभारंभ किया गया है।
- 2,326 करोड़ रुपये के 45 अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।