रेटिंग - ️ ️
️
️
️
️
️ ️ (5 स्टार)
फिल्म धुरंधर 2 रिलीज होने के बाद भारत में ही नहीं ओवरसीज में भी बड़ा धमाका करने के साथ साथ भारतीय सिनेमा को एक नई राह भी दिखाई है जो सिर्फ़ उम्मीदों पर खरा ही नहीं उतरता, बल्कि उन्हें बहुत बड़े अंतर से पार कर जाता है तथा धुरंधर 1 ने भी कई मुस्लिम देशों में प्रतिबंधित होने के बावजूद धमाकेदार सफलता अर्जित किया था वैसे हर पहलू में, यह फ़िल्म पहले भाग से ज़्यादा बड़ी, बेहतर और कहीं ज़्यादा दिलचस्प साबित होती है। फिल्म स्टाइल, कहानी, ड्रामा, रोमांच और देशभक्ति इसमें सब कुछ है, और वह भी ज़बरदस्त फिल्मांकन के साथ पिरोया गया है ।
धुरंधर 2 को देखकर ऐसा लगता है मानो फिल्म के निर्देशक आदित्य धर ने फिल्म के एक एक पात्र को जैसे तराशा हो जिसको फिल्मांकन के समय उस पात्र के ओरिजनल फुटेज और फ़िल्मी फुटेज को एक साथ मिक्स करके ऐसे दिखाया कि दरशको को लग रहा था कि "अरे यह घटना तो हमारे सामने हुई है और उस फ़िल्मी दॄश्य के साथ अपने आपको जोड़ते हुए लगभग 4 घंटे की लंबी अवधि होने के बावजूद अपनी दर्शक दीर्घा से जरा भी हिलता ही नहीं है और एकदम टाइट स्क्रीनप्ले एवं मझे हुए कलाकरों के डायलॉग डेलिवरी से यह फिल्म दर्शकों को एक भी पल बोर नहीं होने देती है।
निर्देशक ने धुरंधर पार्ट १ और २ को मिक्स करके बेहद उत्कृष्ट तरीके से पेश किया है और हमारे भारत के एजेंट्स की ट्रेनिंग और बहादुरी को पूरी शान और बारीकी के साथ दिखाया गया जिससे दर्शकों के अंदर भी जोश का संचार हो रहा था शायद इसलिए भी लम्बी अवधि की फिल्म होने के बावजूद दर्शक कुर्सी से चिपके रहे और एक कारण यह भी हो सकता है कि धुरंधर 2 पहले भाग की तुलना में काफी ज़्यादा प्रबल और हिंसक भी है, जिसमें ज़बरदस्त एक्शन सीक्वेंस, जोश से भरे ऊंचे पल और रोंगटे खड़े कर देने वाले पल हैं जिसकी पहले भाग में कमी महसूस हो रही थी।
धुरंधर 2 का क्लाइमैक्स सचमुच होश उड़ा देने वाला है जिससे उसके प्रशंसा के अनुसार सिनेमाघरों में दर्शकों के ज़ोरदार तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मिला क्योंकि यह फिल्म हर देशभक्त को उन गुमनाम नायकों और एजेंट्स पर गर्व से भर देता है, जिन्होंने देश के लिए निस्वार्थ भाव से अपनी जान के साथ साथ सब कुछ न्योछावर कर दिया।
फिल्म तकनीकी रूप से भारतीय सिनेमा की शीर्ष केवल पांच फ़िल्मों में शुमार होती है क्योंकि फिल्म का सेट डिज़ाइन (सैनी एस. जोहरे) और सिनेमैटोग्राफ़ी (विकास नौलखा) से लेकर एडिटिंग (शिवकुमार वी. पनिकर), साउंड डिज़ाइन (बिश्वदीप चटर्जी) और विज़ुअल्स तक, हर फ्रेम बेहतरीन से बेहतरीन क्वालिटी का है जिससे बॉलीवुड में अपने आपको भारतीय सिनेमा का भीष्म समझने वाले कई आलोचक अब सोशल मीडिया में इस फिल्म के तारीफों के पुल बांध रहे हैं।
'धुरंधर: द रिवेंज' एक ऐसी अनोखी सीक्वल है जो अपनी पिछली फिल्म से कहीं ज्यादा बेहतर और सशक्त है इसलिए यह फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर महज तीन दिनों में ₹448+ करोड़ का कलेक्शन कर लिया जो भारतीय सिनेमा का अब तक का बेस्ट रिकॉर्ड है और इस मौजूदा रिकॉर्ड को देखते हुए फ़िल्मी पंडितों का कहना है कि यह फिल्म भारत में ₹1000 करोड़ नेट और दुनिया भर में (चीन को छोड़कर) ₹2000 करोड़ ग्रॉस कमाने वाली पहली हिंदी फिल्म बनने की क्षमता रखता है जो एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।