दिल्ली :
अमेरिका - इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते भीषण बमबारी के बीच आज प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बड़ा बयान दिया जिसमे उन्होंने पश्चिम एशिया के तनाव के कारण भारत पर पड़नेवाले प्रभाव और उससे निपटने के तैयारी बारे में बताया।
संसद में मोदी द्वारा दिए गए संदेश के मुख्य अंश :
- होर्मुज का बंद होना है अस्वीकार्य।
- पश्चिम एशिया युद्ध के दीर्घकालिक प्रभाव के लिए तैयार होने की आवश्यकता है।
- भारत जहाजों के पारित होने के लिए हितधारकों के संपर्क में है।
- सभी बिजली संयंत्रों में स्टॉक होते हैं।
- एक दशक पहले, भारत में केवल 1 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण की क्षमता थी। आज, हम पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण प्राप्त करने के करीब हैं, इसके कारण, पिछले साल में, हमें लगभग 4.5 करोड़ बैरल कम तेल आयात करना पड़ा है।
- पश्चिम एशिया में हालात गंभीर बने हुए हैं।
- होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही चुनौतीपूर्ण हो गई है।
- भारत 41 देशों से ऊर्जा आयात करता है।
- देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक ईंधन भंडार मौजूद है।
- हाल के दिनों में कई भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज से गुजर चुके हैं।
- भारत हालात पर नजर बनाए हुए है और हर परिस्थिति से लड़ने को तैयार है।
- पश्चिम एशिया के तनाव के बावजूद भारत सतर्क है और देश हर परिस्थिति से निपटने को तैयार है।
- भारत अपनी जरूरत की 60% LPG आयात करता है। इसकी वजह से डोमेस्टिक सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई निर्बाध रूप से जारी रहे, इसके लिए भी काम किया जा रहा है। भारत सरकार ने बीते 11 सालों में एनर्जी आयत का डायवर्सिफिकेशन किया है।
- हमारी सरकार ने संकट के इसी समय के लिए स्ट्रैटेजिक स्टोरेज बनाए थे, जिसकी क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है