अहमदाबाद - गुजरात:
सूरत के 'सत्य योग फाउंडेशन' के प्रदीप जोतांगिया और उनके गिरोह को ₹2 करोड़ से ज़्यादा कीमत के नकली नोटों के साथ अहमदाबाद क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 42,000 नकली ₹500 के नोट शामिल हैं।
स्वघोषित गुरूजी प्रदीप जोतांगिया ने नोटों के डिजाइन को बेहतर बनाने और उन पर अलग-अलग सीरियल नंबर डालने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल करता था और प्रदीप जोतांगिया का गिरोह ₹1500 के नकली नोट ₹500 के नोटों में बेचता था तथा बताया जा रहा है कि इस गिरोह ने अभी-अभी नकली नोट छापना शुरू ही किया था जिसमें ₹2 करोड़ के नकली नोटों की डिलीवरी के लिए यह उनकी ₹66 लाख की पहली डील थी।
सूरत से अहमदाबाद नोटों की डिलीवरी करते समय प्रदीप जोतांगिया को गिरफ्तार कर लिया गया और नकली नोटों की डिलीवरी के लिए जोतांगिया 'भारत सरकार' और 'आयुष मंत्रालय' के निशान वाली एक SUV का इस्तेमाल किया था, अब तक मुख्य आरोपी स्वघोषित आध्यात्मिक गुरु प्रदीप जोतांगिया 'गुरुजी' को 5 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की जांच में पता चला है कि नकली नोट के वितरण तक का पूरा कारोबार 'श्री सत्यम योग फाउंडेशन' के आश्रम से चलाया जा रहा था और नकली नोट सूरत के वराछा इलाके में छापे जा रहे थे।
ऐसी घटना से समाज में भी एक बहस छिड़ गई है धर्म का चोला ओढकर नैतिकता और ईमानदारी का लेक्चर देनेवाले ऐसे गुरूओं का कानूनी ही नहीं सामाजिक बहिष्कार भी होना ही चाहिए।