अनाहत सिंह और शीतल देवी जैसी उपलब्धियां दिखाती हैं कि कैसे टैलेंट सिर्फ़ मेनस्ट्रीम खेलों में ही नहीं, बल्कि हर उम्र और हर फील्ड में उभर रहा है और खबर मिला है कि जम्मू और कश्मीर की 19 साल की शीतल देवी तीरंदाज के खेल में पिछले साल दक्षिण कोरिया के ग्वांगझू में महिलाओं के कंपाउंड व्यक्तिगत इवेंट में टॉप पर पहुंचकर वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली और एकमात्र महिला बिना हाथ वाली तीरंदाज बनी थी और अब शीतल देवी को वर्ल्ड पैरा आर्चर ऑफ़ द ईयर 2025 के लिए चुना गया है जो भारतीय खेलों के लिए एक मजबूत यादगार पल है और एक गहरी बात यह भी दिखाता है कि एक्सेस और सपोर्ट सिस्टम बेहतर हो रहे हैं, जिसका नतीजा भी दिख रहा है और देख कर अच्छा लग रहा है कि इन प्रतिभाओं को पहचान भी मिल रही है।
शीतल देवी का कहना है कि 'पैरा आर्चर ऑफ़ द ईयर 2025' चुना जाना एक बहुत बड़ी बात है, पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतना तो बस एक शुरुआत थी और दुनिया के बेहतरीन पैरा तीरंदाजों के साथ नॉमिनेट होना और अब वर्ल्ड पैरा आर्चर द्वारा 'सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज' चुना जाना, यह मेरे लिए बेहद निजी और दिल को छू लेने वाला पल है। मेरा दिल कृतज्ञता, भावनाओं और इस सफ़र में मिली हर सहयोग से परिपूर्ण है इसलिए सभी का धन्यवाद।