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कैसे हराया के रंग में भंग, सेहर शेख को हो सकती है जेल
ठाणे :
AIMIM पार्टी की सेहर शेख जब से प्रभाग क्रमांक 30 से नगरसेवक का चुनाव जीती हैं तब से वे अपने बयानों से ज्यादा चर्चा में रहती हैं अभी कुछ दिनों पहले ही जीतने के बाद कैसे हराया के तंज पर काफी सुर्खियां बटोरी थी जिस पर कहा जाता है कि उन्होंने ऐसा तंज मुम्ब्रा के कद्दावर नेता राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार ) के जितेंद्र आह्वाड के संदर्भ में दिया था, फिर उसके बाद पूरे मुम्ब्रा को हरा कर देने के बयान के बाद वह ज्यादा विवाद में आ गई हालांकि बीजेपी नेता किरीट सोमैया और बजरंग दल के तीव्र विरोध के बाद सेहर शेख ने अपने इस बयान पर माफ़ी भी मांग लिया था।
ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से मुंब्रा की प्रभाग क्रमांक 30 नगरसेवक के चुनाव में OBC उम्मीदवार के लिए आरक्षित थी और यहां से जीती 22 साल की सेहर शेख अब ऐसे कानूनी विवाद में फंसती नजर आ रही है जिसमे उन्हें जेल भी हो सकती है, यह विवाद है जाति प्रमाण पत्र में जालसाजी का जो ठाणे तहसीलदार की जांच में पाया गया कि सेहर शेख के पिता यूनुस शेख ने महाराष्ट्र का मूल निवासी होने का दावा करते हुए एक पहली नज़र में नकली जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया। यूनुस शेख ने फिर 2018 में अपनी बेटी सेहर शेख के लिए OBC जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अमान्य दस्तावेज का इस्तेमाल किया और जांच रिपोर्ट के अनुसार, सहर शेख के पिता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं, उन्होंने कथित तौर पर प्रवासियों के लिए जरूरी 'फॉर्म 10' के बजाय महाराष्ट्र के मूल निवासियों के लिए आरक्षित 'फॉर्म 8' का उपयोग करके फर्जी ओबीसी सर्टिफिकेट बनवाया। ठाणे तहसीलदार उमेश पाटिल द्वारा की गई जांच में पाया गया कि 2011 में जारी किया गया सर्टिफिकेट आधिकारिक प्रारूप में नहीं था और उस पर संबंधित अधिकारी के अनिवार्य हस्ताक्षर भी नहीं थे।
हालांकि उनका परिवार ठाणे में रहता है, लेकिन सर्टिफिकेट मुंबई सिटी कलेक्टर ऑफिस से जारी किया गया था, जिससे स्थानीय जांच अधिकारियों को बायपास करने का शक पैदा हुआ और आगे की जांच शुरू की गई थी जिसमे पाया गया कि कथित जाति प्रमाणपत्र पर सब डिविजनल ऑफिसर के ज़रूरी साइन नहीं थे, वेरिफिकेशन की कमी थी और टाइटल में महाराष्ट्र राज्य नहीं लिखा था, जो एक बेहद खास तौर पर लिखा रहता है। ठाणे तहसीलदार ने यूनुस शेख के खिलाफ FIR दर्ज करने और सहर शेख के सर्टिफिकेट समेत सभी संबंधित जाति प्रमाणपत्र रद्द करने की सिफारिश की है।
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