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नॉर्थ ईस्ट में एनर्जी सिक्योरिटी पर मजबूत पहल
दिल्ली :
एक तरफ दुनिया युद्ध से परेशान है वहीं दूसरी तरफ भारत अपने एनर्जी क्षेत्र को मजबूत बना रहा है जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में लोहित नदी पर ₹14,105.83 करोड़ की लागत से 1,200 मेगावाट की 'कलई-II जलविद्युत परियोजना' (Kalai-II Hydroelectric Project) को मंजूरी दी है। यह THDC India Limited और अरुणाचल सरकार का संयुक्त उद्यम होगा, जो 78 महीने में तैयार होकर सालाना 4,853 मिलियन यूनिट बिजली पैदा करेगा।
कलई-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:
- स्थान: यह परियोजना अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में लोहित नदी पर बनाया जायेगा।
- क्षमता: 1,200 मेगावाट (6×190 MW + 1×60MW)।
- लागत: ₹14,105.83 करोड़ (अनुमानित)।
- कार्यान्वयन: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDC India Limited) और अरुणाचल प्रदेश सरकार।
- निर्माण अवधि: 78 महीने।
- बिजली उत्पादन: प्रति वर्ष लगभग 4,852.95 मिलियन यूनिट।
- केंद्रीय सहायता: केंद्र सरकार द्वारा सड़क, पुल और बुनियादी ढांचे के लिए ₹599.88 करोड़ और राज्य की इक्विटी के लिए ₹750 करोड़ की सहायता शामिल है।
- लाभ: राज्य को 12% मुफ्त बिजली और स्थानीय क्षेत्र विकास कोष के लिए अतिरिक्त 1% बिजली मिलेगी।
यह परियोजना पूर्वोत्तर क्षेत्र में बिजली सुरक्षा को मजबूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगी जिससे जिससे नॉर्थ ईस्ट में एनर्जी सिक्योरिटी और स्ट्रेटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों मजबूत भी होंगे और इस कमला प्रोजेक्ट से ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ को कम करने का फायदा भी मिलेगा।
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