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स्मार्ट मीटर पर योगी की स्मार्ट नजर
उत्तर प्रदेश :
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वैसी तो हर क्षेत्र में बारीकी से नजर रखे हुए हैं और समय समय पर उसपर निर्देश देते रहते हैं और साल 2027 में चुनाव भी धीरे धीरे नजदीक आ रहा है इसलिए वे जनता को होनेवाली छोटी से छोटी परेशानी पर भी नजर रखे हुए है जिसमे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटरों से जुड़ी शिकायतों और ओवरबिलिंग की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने को कहा, ताकि उपभोक्ताओं को उनके मीटर के अनुसार सही बिल मिल सके और अनावश्यक बिजली कनेक्शन न काटे जाएं। मुख्यमंत्री ने निर्बाध बिजली आपूर्ति, तकनीकी दक्षता और राजस्व संग्रह में सुधार पर जोर दिया, साथ ही उपभोक्ता सेवाओं को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए एयर बैठक में आगे बताया गया कि प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या वर्ष 2017 के 1.65 करोड़ से बढ़कर 2026 में 3.71 करोड़ से अधिक हो गई है, जो लगभग 126 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। इसी अवधि में विद्युत भार में लगभग 80 प्रतिशत तथा ऊर्जा बिक्री में 63 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में कुल ऊर्जा बिक्री 1.27 लाख मिलियन यूनिट तथा कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से अधिक है। घरेलू उपभोक्ता कुल कनेक्शनों का 87 प्रतिशत हैं, जबकि राजस्व में वाणिज्यिक एवं औद्योगिक वर्ग का योगदान सर्वाधिक है। डिस्कॉम्स के प्रदर्शन में सुधार पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि राष्ट्रीय रेटिंग में और सुधार सुनिश्चित किया जाए तथा वितरण अवसंरचना को और सुदृढ़ किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को और तेज किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जहां नए विद्युत पोल लगाए जा रहे हैं, वहां उनकी गहराई, केबल की गुणवत्ता एवं अन्य तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बिजली लाइनों को चरणबद्ध रूप से भूमिगत किए जाने की प्रक्रिया को और व्यवस्थित एवं गति देने के की दिशा में त्वरित कार्रवाई की जाए निवारक रखरखाव को सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निर्बाध सप्लाई के लिए नियमित रखरखाव अनिवार्य है इसलिए प्री एवं पोस्ट मानसून अभियानों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 में पावर ट्रांसफॉर्मर क्षति में लगभग 80 प्रतिशत तथा बड़े वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षति में लगभग 48 प्रतिशत की कमी आई है। स्मार्ट मीटरिंग एवं राजस्व सुधार की समीक्षा करते हुए बताया गया है कि प्रदेश में 84 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं तथा फीडर मीटरिंग में लगभग 95 प्रतिशत प्रगति हुई है।
मुख्य निर्देश:
- एक्सपर्ट कमेटी कंज्यूमर की शिकायतों की जांच करेगी।
- बिना गलती के बिजली नहीं काटी जाएगी।
- ऊर्जा मंत्री और पावर कारपोरेशन के MD ग्राउंड पर जाकर समस्याओं को ठीक करेंगे।
सरकार ने हेल्पलाइन चालू करने का आदेश दिया।ग्रामीण क्षेत्रों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिया गया है कि न्यूनतम 05 आवास वाले घरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए और साथ ही डबल ग्रुप सप्लाई एवं कृषि फीडर पृथक्करण के कार्यों को समयबद्ध पूर्ण किया जाए, ताकि ओवरलोडिंग की समस्या का समाधान हो सके। उपभोक्ता सेवाओं के अंतर्गत 1912 कॉल सेंटर, ऑनलाइन पोर्टल, सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा सिंगल विंडो मॉडल को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए।
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