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सरकार बनते ही कांग्रेस ने K-rail परियोजना को किया रद्द
डिजिटल टीम :
केरल की नवनिर्वाचित कांग्रेस के मंत्रिमंडल ने बहुप्रतीक्षित तिरुवनंतपुरम-कासरगोड सेमी-हाई-स्पीड रेल परियोजना (सिल्वर लाइन या के-रेल) को आधिकारिक तौर पर रद्द करने का निर्णय लिया है और मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने घोषणा किया है कि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई भूमि को अधिसूचना (Notification) से मुक्त कर दिया जाएगा और सभी पीले कंक्रीट के सर्वे निशान हटा दिए जाएंगे और कांग्रेस की नई सरकार ने इस बहुचर्चित परियोजना को रद्द करने के लिए "पर्यावरणीय आपदा" और "आर्थिक रूप से गैर-व्यवहार्य" (financially unviable) करार दिया है एवं इसके साथ ही, परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) का अभाव और व्यापक जन विरोध को मुख्य कारण बताया है।
लगभग ₹64,000 करोड़ की इस फ्लैगशिप परियोजना को लेकर पिछली एलडीएफ (LDF) सरकार और स्थानीय जनता के बीच तीखा विवाद चल रहा था लेकिन अब कांग्रेस की सरकार ने अधिग्रहित जमीन को डिनोटिफाई करने के साथ ही इस प्रोजेक्ट के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने का भी निर्देश दिया है जिससे सभी प्रदर्शनकारियों के लिए एक राहत की खबर है और मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि सभी विभागों को सूचित किया है क़ि वे जल्द से जल्द यूडीएफ के चुनावी घोषणापत्र "विजन 2031" के अनुसार लगभग 100 दिन में इसका क्रियान्वयन किया जाए और साथ में यह भी संकेत दिया कि केरल में चल रहे सभी राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यों की पुन: समीक्षा की जाएगी और केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड से सम्बंधित सभी नियमो की जांच और पुनर्रचना की जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के लोगों का कहना है कि वाम मोर्चा की सरकार केरलम को उत्तर से दक्षिण तक हाई स्पीड रेल से जोड़ने की योजना पर काम कर रही थी जिससे 530 किमी की दूरी 4 घंटे से कम समय में पूरी होती और यह राज्य के विकास और रोजगार के लिए ये जरूरी भी था लेकिन कांग्रेस और मुस्लिम लीग की नई सरकार ने इस योजना को आज बंद कर दिया जो भारत और केरल के लिए दुखद दिन है।
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