मीरा रोड, महाराष्ट्र:
किसी ज़माने में ज्यादातर मुम्बईवासी बड़े घर/फ्लैट के सपने को लेकर मुंबई से सटे मीरा रोड में अपना ठिकाना बनाने के लिए गए थे और उस समय मीरा रोड में एकदम शांति और शुकून का वातावरण भी था लेकिन धीरे-धीरे उस मीरा रोड को मुस्लिम कट्टरपंथियों की नजर लग गई और अब मीरा रोड बहुत खतरनाक होता जा रहा है,अभी कुछ साल पहले मुस्लिम कट्टरपंथियों ने राम मंदिर के उद्घाटन समारोह को रोक दिया था, हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान न करते हुए जेपी इंफ्रा बिल्डिंग में बकरे काटे जाने लगे थे और उसी सोसायटी में एक महिला का अभद्र वीडियो वायरल किया गया था और ऐसा लगता है कि इस प्रकार के हंगामे और चीत्कार मीरा रोड के निवासियों की नियति बन गई है।
खौफनाक घटना की जानकारी
मीरा रोड में एक खौफनाक पहलगाम जैसा आतंकी घटना हुई जिसमे बताया जा रहा है कि एक मुस्लिम कट्टरपंथी मीरा रोड के नया नगर में स्थित स्मिता रेजिन्सी बिल्डिंग में अकेले रहने वाला आरोपी जैब जुबैर अंसारी (31) जो मूल रूप से मुंबई के कुर्ला या वडाला क्षेत्र का रहने वाला बताया जाता है, उसने 28 अप्रैल 2026 को करीब सुबह 4 बजे एक निर्माणाधीन इमारत में ड्यूटी कर रहे दो सिक्योरिटी गार्ड्स (राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन) से पहले उनका धर्म पूछा फिर इसके बाद उनसे कलमा पढ़ने को कहा लेकिन जब गार्ड्स ने मना किया, तो उसने उन पर ताबड़ तोड़ कई बार चाकू से हमला कर दिया और इस खूनी हमले में दोनों गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए।
आतंकी जैब जुबेर की जानकारी
बताया जा रहा है कि वैसे आतंकी जैब जुबैर का जन्म मुंबई के कुर्ला क्षेत्र में हुआ था और उसका परिवार साल 200 में अमेरिका चला गया और वहां पर जैब जुबेर का पिता युसूफ अंसारी टैक्सी चलाने का काम करता है और आरोपी ने साल 2023 में अमेरिका में ही अफगानी मूल की अमेरिकी महिला शोगाला इलयासी से निकाह कर लिया और ठीक तीन साल बाद उससे तलाक भी ले लिया। आरोपी अमेरिका में ही बैचलर ऑफ साइंस की पढ़ाई पूरा किया और वहां एक स्कूल में टेनिस इंस्ट्रक्टर के रूप में करीब पांच साल तक काम किया फिर इसके बाद उसने नौकरी छोड़ दिया और फिर साल 2019 में वह अमेरिका से भारत वापस लौटा और मीरा रोड के नया नगर में अपने मौसी रशीदा के साथ रहने लगा, फिर चार साल बाद स्मिता रेजीडेंसी में किराए का फ़्लैट लेकर अकेला रहने लगा और केवल करीब दो महीने तक वहां बच्चों को मैथ्स और केमिस्ट्री पढ़ाया।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई एवं जानकारी
हालांकि इस आतंकी घटना के ठीक 90 मिनट में ही पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया और अब इस दहशतवादी घटना के बाद ही तुरंत महाराष्ट्र ATS विभाग भी इस जांच में जुट गया और जब जांच एजेंसियों के अधिकारी आरोपी जैब जुबैर के घर गए तो वहां का नजारा देखते ही समझ गए कि यह कोई छोटी मोटी घटना नहीं है बल्कि ISIS/Daesh के "लोन वुल्फ अटैक" के जैसा है और अधिकारियों ने देखा कि आरोपी ने अपने घर के दरवाजे पर आयत कुल हू अल्लाह हू अहद लिखा हुआ एक तख्ती लटका रखा था और यह आयत कुरान के 112वें अध्याय सूरा अल-इखलास की पहली आयत है, जिसका अर्थ है कि अल्लाह एक है, यह सूरा अल्लाह की एकता और सर्वोच्चता को दर्शाती है और चार छोटी आयतें अल्लाह की अवधारणा को स्पष्ट करती है और इसके अन्य हिस्से में अल्लाह ही सर्वश्रेष्ठ है ऐसा दर्शाता है और आरोपी का कहना था कि घर के अंदर आने से पहले तीन बार इस आयत को पढ़ें फिर घर में आएं। जांच एजेंसियों को उसके घर से कई आपत्तिजनक चीजें मिलीं, जिसमें ISIS/Daesh का "लोन वुल्फ अटैक" पर एक 'तहरीर' लेटर, तीन कुरानी नुस्खे और कई पत्रक जिसमे कलमा, लोन वुल्फ अटैक के बारे में जानकारियां, खिलाफत कैसे कायम करें एवं खिलाफत के बारे में अल्लाह क्या कहता है जैसी अन्य चीज़ें लिखी थीं। फिलहाल इस जांच में NIA भी शामिल हो गई है और आरोपी के घर को सील कर दिया गया है।
FIR में वर्णित घटना
पीड़ित का बयान है कि सुबह करीब 03:00 बजे, एक अनजान आदमी मेरे पास आया और पूछा, “क्या आगे कोई मस्जिद है?” मैंने उससे कहा, “हाँ, आगे दाईं ओर एक मस्जिद है।” उसके बाद, उसने मुझसे पूछा, “मस्जिद का नाम क्या है?” मैंने जवाब दिया, “मुझे नाम नहीं पता।” फिर उसने मुझसे पूछा, “क्या तुम हिंदू हो?” मैंने जवाब दिया, “हाँ।” इसके बाद, वह चला गया, लेकिन मैंने उसे सड़क पर घूमते देखा फिर सुबह करीब 04:00 बजे, मैं रस्साज सिनेमा के पास एक ईरानी चाय की दुकान पर चाय पीने गया। उस समय, मैंने वहाँ भी उसी आदमी को देखा। चाय पीने के बाद, मैं सुबह करीब 04:30 बजे अपनी ड्यूटी लोकेशन पर लौट आया और फिर उसी दौरान, वही आदमी फिर मेरे पास आया और “तुम हिंदू हो ना?” कहकर मेरा दाहिना हाथ पकड़ा और अपने हाथ में पकड़े चाकू से मुझ पर हमला कर दिया। मैंने हमले से बचने की कोशिश की, लेकिन चाकू मेरी पीठ पर लगा।
किसी तरह, मैं उसकी पकड़ से छूटा और सुपरवाइजर के केबिन की तरफ भागा और मैं मेन लोहे के एंट्रेंस गेट के अंदर गया और सुपरवाइजर के केबिन में पहुँचा। मुझ पर हमला करने वाला आदमी वहाँ भी पहुँच गया। उसने सुपरवाइज़र मिश्रा से कहा, “तुम भी हिंदू हो ना? अगर नहीं तो कलमा पढ़ो।” जब मिश्रा जी कलमा नहीं पढ़ पाए, तो उस आदमी ने उन पर भी चाकू से हमला कर दिया। डर के मारे मैं वहाँ से भाग गया और बिल्डिंग के पीछे छिप गया। करीब 5 से 7 मिनट बाद, जब मुझे कोई हलचल नहीं दिखी, तो मैंने मिश्रा सर को आवाज दिया और उस समय, वह रो रहे थे और कह रहे थे, “मैं मर जाऊँगा, मैं मर जाऊँगा।” उसके बाद, मैं फिर सुपरवाइजर के केबिन के पास गया, जहाँ हरि सिंह और दो और लोग मौजूद थे। फिर हरि सिंह ने मुझे बताया कि जिस व्यक्ति ने मुझ पर हमला किया था, उसी ने मिश्रा सर से उनका धर्म पूछा था और उन पर हमला किया था। फिर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मुख्यमंत्री एवं नेताओं की प्रतिक्रिया
मीरा रोड पर संदिग्ध "लोन वुल्फ" आतंकी हमले के मामले में, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "यह मामला 'सेल्फ-रेडिकलाइजेशन' (खुद से कट्टरपंथी बनने) का प्रतीत होता है। आरोपी के घर से कुछ किताबें और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। वह पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में रहता था और हाल ही में भारत लौटा था और शुरुआती जांच से पता चला है कि वह कट्टरपंथी बन गया था और जिहाद के नाम पर हिंदू समुदाय के लोगों पर हमला करने की इच्छा रखता था, जिसके चलते उसने इस घटना को अंजाम दिया। इस मामले की जांच फिलहाल आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा की जा रही है, और राज्य सरकार इन एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है। जांच का दायरा केवल आरोपी तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन व्यक्तियों या नेटवर्क की भी जांच की जाएगी जो उसके कट्टरपंथी बनने के पीछे थे। किसी भी संभावित साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी।"
वहीं बीजेपी के हिंदुत्ववादी फायर ब्रांड नेता और मंत्री नितेश राणे ने कहा कि "मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि मीरा रोड के नया नगर के लोग जिहादियों की तरह हैं जो इसे मिनी पाकिस्तान बनाना चाहते हैं। इसलिए वहां लव जिहाद और लैंड जिहाद के मामले बार बार सामने आ रहे हैं और जो हमने पहलगाम हल्ला के समय देखा था कि कलमा पढ़ो, सिंदूर दिखाओ, तो जैसे ही वहां ऑपरेशन सिंदूर करना था, वैसे ही नया नगर में भी ऑपरेशन सिंदूर करने का समय आ गया...!"