Today Thursday, 21 May 2026

/ आपका प्रदेश / महाराष्ट्र

​बांद्रा का गरीब नगर अतीत बन गया


मुंबई :
पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई के बांद्रा (पूर्व) स्थित गरीब नगर (Garib Nagar) इलाके में अतिक्रमण हटाने के लिए सबसे बड़ा तोड़क कार्यवाई का अभियान चलाया है जो अगले चार से पांच दिनों तक चलेगा जो बांद्रा टर्मिनस के पास रेलवे की जमीन पर बने लगभग 500 से 700 अवैध ढांचे (झोपड़े और दुकानें) तोड़े जा रहे हैं जिसमे कानूनी तौर पर रहने वाले 100 पात्र घरों को छोड़कर, बाकी सभी पर तोड़क कार्रवाई शुरू है और कानूनी तौर पर पात्र घरों में रहने वालों को शिफ्टिंग दे दी गई है। खाली हुई जगह का इस्तेमाल मुंबई से शुरू होने वाली 50 नई ट्रेनों को चलाने और बांद्रा टर्मिनस को बढ़ाने के लिए किया जाएगा और ज़्यादा जगह का इस्तेमाल बांद्रा सबअर्बन स्टेशन को बांद्रा टर्मिनस से जोड़ने और सबअर्बन ट्रेनों को अलग करने के लिए किया जाएगा। खासकर खाली कराने के बाद जमीन सांताक्रूज-मुंबई सेंट्रल कॉरिडोर के बीच रेलवे की 5वीं और 6वीं लाइन के विस्तार के लिए उपयोग में लाई जाएगी।  
    
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कई वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेलवे सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए इस जमीन से अतिक्रमण हटाने की मंजूरी देने के बाद ही यह तोड़क कार्यवाई की जा रही है और 2021 के सर्वे के आधार पर केवल 100 परिवारों को ही पात्र (Legal) माना गया है, इसलिए इन वैध निवासियों के लिए राज्य सरकार द्वारा वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की गई है और इस सबसे बड़े तोड़क अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किए गए हैं जिसमे आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और नागरिक प्रशासन (BMC) के लगभग 1000 अधिकारी/कर्मचारी शामिल हैं। 

इस तोड़क अभियान के दौरान गरीब नगर के रहिवासियों एवं तैनात पुलिस बल में तीखी झड़प भी होती हुई दिखाई दी है और उनका कहना था कि हमको यहाँ पर साल 1981 में स्वर्गीय अभिनेता सुनील दत्त ने बसाया और बचाया था और अब लगभग 50 साल बाद हमें अपात्र बता कर नोटिस दिया और दूसरे दिन आकर बुलडोजर से हमारा घर गिराने लगे और हमें सरकर ने कोई वैकल्पिक आवास भी नहीं दिया जबकि हमारे पास 50 साल पुराने सभी सरकारी दस्तावेज हैं। वहीँ कुछ लोगों का कहना था कि हर चुनाव में हम मतदान करते थे और कई नेता हमारे वोट के दम पर जीते हैं तब हम उस समय कैसे पात्र थे और अब ऐसे विकट परिस्थिति के समय कोई भी नेता दिखाई नहीं दे रहा है, केवल वे वोट लेने के समय अपना मुंह दिखने यहां आते थे, और गरीब नगर के लगभग सभी अतिक्रमणकारी सार्वजनिक रूप से दिवंगत फिल्म अभिनेता सुनील दत्त को धन्यवाद दे रहे थे जिन्होंने दशकों पहले उन्हें यहां बसाने में मदद की थी।
   
कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि भले रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) ने आधुनिकीकरण और व्यावसायिक रीडेवलपमेंट के कई प्रोजेक्ट इस महंगी जमीन पर शुरू किया है और रेलवे पटरी के किनारे बसे गरीब नगर से कुछ ही दूरी पर भारत सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का स्टेशन भी बन रहा है लेकिन चुनावी वादों और जमीनी हकीकत के बीच सभी नेता और प्रशासनिक अधिकारियों ने इनसे मोटी कमाई किया और अब इस चिलचिलाती गर्मी में इस अवैध बस्ती को तोड़कर पाक साफ भी हो गए।  

Related Articles

Designed & Maintained by Webxces

© 2025 | News WiFi