नई दिल्ली/मुंबई:
यह देश के इतिहास में पहला मौका माना जा रहा है जब भारत के राष्ट्रपति को कुंभ मेले के आधिकारिक ध्वजारोहण समारोह के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है जिसमे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार (21 अक्टूबर 2026) को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने राष्ट्रपति को आगामी 31 अक्टूबर 2026 को नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाले भव्य 'सिंहस्थ कुंभ मेले' के ध्वजारोहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया, जिसे राष्ट्रपति ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। इस विशेष प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल, गिरीश महाजन, दादा भूसे और सिंहस्थ कुंभ मेला प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।
कलात्मक और अनूठा निमंत्रण पत्र:
राष्ट्रपति मुर्मु को सौंपा गया निमंत्रण पत्र एक विशेष और अनूठी कलात्मक अवधारणा पर आधारित है। इस बॉक्स को खोलते ही एक थ्री-डायमेंशनल (3D) पॉप-अप डिजाइन उभरती है, जो कुंभ मेले की पौराणिक उत्पत्ति, आध्यात्मिक महत्ता, नासिक की सांस्कृतिक विरासत और पवित्र गोदावरी नदी के वैभव को प्रदर्शित करती है। यह आमंत्रण पत्र मानव की पांचों इंद्रियों के अनुभवों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और मुलाकात के दौरान महाराष्ट्र की विरासत से जुड़े विशेष उपहार प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाने वाला विशेष उपहार सेट (हैंपर)भेंट किया।
इस उपहार में शामिल प्रमुख वस्तुएं हैं:
- जनजातीय विकास विभाग के 'शबरी नेचुरल्स' के उत्पाद (जैसे जंगली शहद, अगरबत्ती, बांस की वस्तुएं) ।
- मोटे अनाजों (मिलेट्स) से बने पारंपरिक खाद्य पदार्थ।
- नासिक की प्रसिद्ध येवला पैठणी साड़ी और शॉल।
- नासिक के प्रसिद्ध सूखे मेवे, काजू, काली किशमिश और नासिक का मशहूर चिवड़ा।
इन कार्यक्रमों के लिए भी किया गया आमंत्रित:
31 अक्टूबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह के साथ ही मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को निम्नलिखित आयोजनों के लिए भी आमंत्रित किया है।
- पवित्र गोदावरी नदी की भव्य 'गोदा आरती' में शामिल होना।
- 'नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण' की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ।
- सिंहस्थ कुंभ मेले के आधिकारिक गीत (Theme Song) का विमोचन।
- इस धार्मिक महाआयोजन पर आधारित एक विशेष 'कॉफी टेबल बुक' का लोकार्पण।
- कुंभ मेले से जुड़े स्मारक डाक टिकट का अनावरण।
कुंभ मेले का अनुसूची और गौरव:
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ शुरू होने वाला यह सिंहस्थ कुंभ मेला लगभग 22 महीनों तक चलेगा और इसका समापन 24 जुलाई 2028 को होगा। इस दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को इस समारोह के लिए आमंत्रित करने का उद्देश्य नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान और गौरव प्रदान करना है।
मेले के मुख्य आकर्षण 'अमृत स्नान' (शाही स्नान) की तिथियां इस प्रकार हैं:
- पहला अमृत स्नान: 2 अगस्त 2027
- दूसरा अमृत स्नान: 31 अगस्त 2027
- तीसरा अमृत स्नान: 11 सितंबर 2027 (नासिक में) और 12 सितंबर 2027 (त्र्यंबकेश्वर में)
गरिमा में वृद्धि:
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति भवन में जाकर व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण देना और राष्ट्रपति द्वारा इसे स्वीकार करना, आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले (2026-2028) की गरिमा को कई गुना बढ़ा देता है और इस आयोजन को एक राष्ट्रीय स्तर का गौरव प्राप्त होगा।