नासिक,महाराष्ट्र :
महाराष्ट्र के नासिक में TCS के BPO विभाग से हिंदू महिलाओं के यौन शोषण एवं धर्मांतरण करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है जो पूरे देश के झकझोर कर रख दिया है कि अब हिन्दू महिलाएं एक मल्टी नेशनल कंपनी के वर्क प्लेस में भी सुरक्षित नहीं है और इस घिनौने आरोप में पकड़े गए पुरुष आरोपी आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसिफ अत्तर है और 7वीं आरोपी HR विभाग से जुड़ी निदा खान जो एक महिला है,उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस IT कंपनी के छह टीम लीडर, जिनकी पहचान आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसिफ अत्तर के तौर पर हुई है, और एक ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर को सेक्सुअल हैरेसमेंट और छेड़छाड़ और वर्कप्लेस पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच के लिए एक SIT बनाई गई है, पुलिस को शक है कि जांच गहरी होने पर और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। इस केस में अब तक नौ FIR दर्ज की गई है, जिसमें नौ पीड़ित शामिल हैं जिसमे आठ महिलाएं और एक पुरुष है और कहा जा रहा है कि यह सब घटनाएं दो से तीन साल से चल रही थी। पीड़ितों में ज्यादातर 18 से 25 साल की महिलाएं हैं, उनका दावा है कि उनके साथ गलत तरीके से शारीरिक छेड़छाड़ की गई, उनके शरीर और कपड़ों पर आपत्तिजनक कमेंट किए गए, और उनके धर्म को लेकर बार-बार बेहूदे और भद्दे कमेंट किए गए।
TCS के इतने घिनौने कन्वर्ज़न स्कैम में फंसा एक पुरुष कर्मचारी ने यह भी दावा किया है कि उस पर धर्म बदलने का दबाव डाला गया, इस्लाम की धार्मिक रस्में करने के लिए कहा गया और बीफ खाने के लिए मजबूर किया गया। कहा जा रहा है कि पीड़ितों ने पहले कंपनी के HR हेड के पास POSH पॉलिसी के तहत शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय HR ने शिकायत को नजरअंदाज करते हुए कहा कि MNC में ऐसी बातें नॉर्मल हैं और न ही HR विभाग और न ही कंपनी प्रबंधन के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क किया इसलिए नासिक पुलिस ने अब HR हेड के खिलाफ भी ड्यूटी में लापरवाही बरतने और शिकायतों को दबाने का मामला दर्ज किया है।
यह मामला तब उजागर होता है जब उक्त कंपनी की हिन्दू महिला कर्मचारी के घरवालों ने हिन्दू धर्म के प्रति बदलते व्यवहार के कारण उन्हें शक हुआ और परिवार वालों ने उस लड़की पूरा भरोसे में लेकर पूछ तास किया तब ऐसा घिनौना प्रकरण बाहर आया और उसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराइ गई लेकिन पुलिस भी बिना पुख्ता सबूत के इतनी बड़ी मल्टी नेशनल कंपनी में हाथ डालने से पहले अपने क्राइम ब्रांच की महिला पुलिस कर्मियों को चुपके से स्टाफ के तौर पर कंपनी में शामिल कराया और इस महिला पुलिस कर्मचारियों ने कुछ ही महीनो में ही आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हासिल किए फिर उसके बाद आगे की कार्यवाई की गई।
इस मामले के तह तक जाने के लिए ACP (क्राइम) संदीप मिटके के नेतृत्व में SIT गठित की गई है, टीम में करीब 12 अनुभवी अधिकारी और साइबर विशेषज्ञ शामिल हैं और SIT सभी 9 FIR की गहन जांच कर रही है, SIT 2022 से 2026 तक की घटनाओं, 40 से ज्यादा CCTV फुटेज, डिजिटल सबूत, वित्तीय लेन-देन और फोन रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है। ACP संदीप मिटके ने कहा, "केस नंबर 163/2016 में उपर्युक्ते आरोपियों के अलावा संदिग्ध आरोपी का नाम निदा खान है और उसे आज कोर्ट में पेश किया गया, कोर्ट ने उसे 13 अप्रैल, 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। बाकी छह आरोपी अभी MCR (मजिस्ट्रियल कस्टडी रिमांड) में हैं और हम उनके ट्रांसफर वारंट लेने के बाद उन्हें पुलिस कस्टडी में लेने के बाद आगे जाँच करेंगे। ACP ने अन्य महिला कर्मचारियों से अपील की है कि यदि उन्होंने भी किसी प्रकार का यौन उत्पीड़न या छेड़छाड़ का अनुभव किया हो, तो आगे आएं और उन्होंने शिकायतकर्ताओं से WhatsApp No. 9923323311 के माध्यम से संपर्क करने का अनुरोध किया है।
इस शर्मसार करने वाली घटना के उजागर होने के बाद महाराष्ट्र की भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा ने TCS कंपनी के सामने मोर्चा निकाला और जमकर हंगामा किया और महाराष्ट्र के कद्दावर नेता एवं मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि नासिक में TCS कंपनी में, जहाँ कई जवान लड़कियाँ काम करती हैं। जिस तरह से यह घटना हुई है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। धर्म बदलने के मामले में, 4-5 मुस्लिम कंपनी के कर्मचारी और कुछ अधिकारी हैं जिन्होंने लड़कियों को नौकरी और अच्छी सैलरी का वादा करके बहलाया। उन्होंने उन्हें फंसाया, उनका धर्म बदलवाया, उनसे नमाज़ पढ़वाई, रोज़ा रखवाया, और उन्हें ज़बरदस्ती बीफ़ खिलाया, जो हमारी पवित्र गाय का मांस है, इसलिए हमारी सरकार किसी भी मुजरिम को बख्शेगी नहीं और उन लोगों को कानूनी कार्रवाई करके सजा जरूर दिलाएगी।